Saturday, March 22, 2025

माँ का प्रेम

 रवि एक छोटे गाँव में अपनी माँ के साथ रहता था। उसके पिता का देहांत हो चुका था, और उसकी माँ खेतों में मेहनत करके घर चलाती थी। रवि को पढ़ाई बहुत पसंद थी, लेकिन उनकी आर्थिक हालत इतनी अच्छी नहीं थी कि उसकी फीस भरी जा सके।

एक दिन, रवि ने माँ से कहा, "माँ, मैं आगे पढ़ना चाहता हूँ, लेकिन हमारे पास पैसे नहीं हैं।"
माँ ने मुस्कुराते हुए उसका सिर सहलाया और बोली, "बेटा, तुम बस मन लगाकर पढ़ो, बाकी मैं संभाल लूंगी।"

रवि को नहीं पता था कि उसकी माँ दिन में खेतों में काम करने के बाद रात में सिलाई का काम भी करने लगी थी। वह खुद भूखी सो जाती लेकिन रवि को कभी भूखा नहीं रहने देती। धीरे-धीरे, उसकी माँ की मेहनत रंग लाई, और रवि की पढ़ाई जारी रही।

सालों बाद, रवि ने कड़ी मेहनत से एक बड़ी परीक्षा पास कर ली और अफसर बन गया। जब वह नौकरी पाकर घर लौटा, तो माँ के पैर छूकर बोला, "माँ, आज मैं जो कुछ भी हूँ, सिर्फ तुम्हारी वजह से हूँ!"

माँ की आँखों में खुशी के आँसू थे। उन्होंने अपना सब कुछ त्याग दिया था, लेकिन बदले में उन्हें अपने बेटे की सफलता का सबसे बड़ा इनाम मिला था।

सीख: माँ का प्रेम दुनिया में सबसे अनमोल होता है। वह अपने बच्चों के लिए हर त्याग करने को तैयार रहती है! ❤️🌸

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