Sunday, March 23, 2025

जंगल का श्राप


 एक घने जंगल के बीच एक प्राचीन मंदिर था, जिसके बारे में कहा जाता था कि जो भी वहाँ गया, कभी लौटकर नहीं आया। इस रहस्य को सुलझाने के लिए डॉ. अरविंद और उनकी खोजी टीम वहाँ पहुँची। लेकिन जैसे ही वे जंगल में घुसे, अजीब घटनाएँ होने लगीं—पेड़ खुद-ब-खुद हिलने लगे, हवा में अजीब सी गंध थी, और कैमरे में रहस्यमयी आकृतियाँ दिखाई देने लगीं।

मंदिर में प्रवेश करने के बाद, टीम को एक शिलालेख मिला:
"जो यहाँ आएगा, अपने सबसे बड़े डर का सामना करेगा।"

जैसे ही वे आगे बढ़े, डरावनी घटनाएँ शुरू हो गईं—

  • कबीर को महसूस हुआ कि कोई उसकी गर्दन दबा रहा था

  • निखिल ने दीवारों पर चलती हुई परछाइयाँ देखीं।

  • रीना अचानक मंदिर में अकेली रह गई, जबकि बाकी लोग गायब हो गए।

  • विकास ने देखा कि मूर्ति की आँखें चमकने लगीं और किसी ने उसे पीछे खींच लिया।

डॉ. अरविंद को समझ आ गया कि यह मंदिर एक शापित जगह थी। जब उन्होंने मंदिर के केंद्र में रखे एक पत्थर पर लिखे श्लोक पढ़े, तो तेज़ हवा चली, ज़मीन हिलने लगी, और एक डरावनी चीख गूँज उठी।

टीम किसी तरह बाहर भागने में सफल रही, और उनके निकलते ही मंदिर धूल में बदल गया। लेकिन जब वे गाँव लौटे, तो देखा कि गाँववालों को मंदिर के बारे में कुछ याद ही नहीं था।

उस रात, जब डॉ. अरविंद ने अपनी डायरी खोली, तो अचानक पन्ने पलटने लगे, और अंतिम पृष्ठ पर लिखा था—

"श्राप अभी भी जीवित है..." 😱

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