एक दिन, जंगल में एक शक्तिशाली शेर सो रहा था, तभी एक छोटा चूहा उसके पंजे पर दौड़ा। शेर जाग गया, चूहे को पकड़ लिया और उसे खाने ही वाला था। भयभीत चूहे ने विनती की, "कृपया मुझे छोड़ दें! अगर आप मुझे आज जाने देंगे, तो मैं किसी दिन आपकी मदद कर पाऊंगा!"
शेर को यह सोचकर हंसी आ गई कि एक छोटा चूहा उसकी मदद करेगा, लेकिन उसने उसे जाने देने का फैसला किया।
कुछ दिनों बाद, शिकारियों ने शेर को जाल में फँसाया। वह परेशान होकर दहाड़ा, और छोटे चूहे ने उसे सुन लिया। मदद के लिए दौड़ते हुए, चूहे ने जल्दी से रस्सियों को कुतर दिया, जिससे शेर आज़ाद हो गया।
शेर हैरान रह गया और उसने चूहे को धन्यवाद दिया। उस दिन से, वे अच्छे दोस्त बन गए।
कहानी की सीख:
दयालुता कभी व्यर्थ नहीं जाती।
सबसे छोटा दोस्त भी बहुत मददगार हो सकता है।

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